"श्री अन्नाहजारेजी" आप कइ दिनो से अनसन पर है अब हमारे जैसे आम आदमी को भि आपके स्वास्थ कि चिन्ता होने लगी है, भले हि हम आपके सामने बैठने वाली भीड मे से एक आम आदमि है, पर आपकि बगल मे बैठकर तस्वीर लेकर उसका फ़ायदा उठाने वालो मे से तो बिलकुल नहि है, इसलिये इस्वर से प्रार्थना है कि ओ आपको अनसन छोड देने कि प्रेरणा दे, क्युकि आपको, आम आदमी को, सत्ताधारी कान्ग्रेस को, और सत्ता कि आश लगाये बिपक्छ को जो मिलना था वो मिल चुका है अगर इस बात को खुल कर बोले तो "देश के आम आदमी को न कुछ मिलना था न मिला है न मिलेगा" "आप तो गान्धीवादी है आपको देश का "अन्ना" बनना था सो बन हि गये है" "बिपक्छ पर कान्ग्रेस पहले हि ब्रह्मास्त्र (साम, दाम, दन्ड, भेद) चला कर मूक, बधिर, और द्रिश्टि हीन बना चुकि है" "रही बात कान्ग्रेस कि तो वो सात सालो से एक सूत्री कार्यक्रम में लगी हुई है वर्ण शंकर के युवराज को देश की गद्दी सौपना, क्युकी कौरवो (कांग्रेश) के खेमे बाकि सब सिखंडी ही बचे है ये हम नहीं कहते ये कांग्रेसी खुद कहते है, पचास पचास साल के अनुभवी योधा (हम तो उन्हें भीष्म पितामह, या फिर ध्रितराष्ट ही मानते है) जिश सेना में हो पर खुद को लाचार मान ले तो हम क्या कहेगे, ख़ैर आज के संसद की कार्यवाही के कुछ अंश देखे तो हमारी बात समझ जायेगे" "श्री अन्नाहजारेजी"......
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