मनमोहन मिश्र

मनमोहन मिश्र
"राजनैतिक विश्लेषक"

शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

baba ramdev or anna hajare

आज देश के हर आम आदमी को आगे आकर अपनी भूमिका तय करना होगा क्योकि पूंजीवादी अर्थब्यवस्था और लोकतंत्र के बीच युद्ध सुरु हो चूका है सदीओ में कोई ऐसा पैदा होता है जो गुलामी के किलाफ आवाज उठता है बाबा रामदेवजी ऐसे ही एक आम आदमी है जिन्होंने इतने बड़े पूंजीवादी साम्राज्य से लोहा लिया है आज देश के हर आदमी को बाबा रामदेव कोन है? जानने के बजाय, क्या कर रहे है और क्यों कर रहे है जान कर, कंधे से कन्धा मिलाकर इस लड़ाई में सामिल होना चाहिए वर्ना इस देश के पूंजीवादी चोर, भ्रस्त्ताचारी, दलाल रामदेव जी को ख़त्म करदेगे हमे फिर सदीओ किसी और रामदेवजी का इंतजार करना होगा और इसी भ्रष्ट ब्यवस्था में सिसक कर मरना होगा



१- अन्ना हजारे जी और उनके साथियो द्वारा आन्दोलन, अनसन, सफलता और असफलता और अब आने वाला १६ अगस्त का अनसन सब कुछ, भ्रस्टाचार के खिलाफ देश भर मे चलाये जा रहे बहु आयामी ब्यापक आन्दोलन और आम आदमी में भ्रस्टाचार के खिलाफ उबलते गुस्से को ख़त्म करने की कांग्रेसियो ने साजिश रची है, रामदेव जी द्वारा चलाये जा रहे देश ब्यापी आन्दोलन की धार को कुंद करना चाहते है कांग्रेसी


२- रामदेव जी का आन्दोलन भ्रस्टाचार के पुरे पेड़ को जड़ सहित उखाड़ देने की ही नहीं बल्कि पूरी ब्यवस्था में परिवर्तन लाने

की है यदि रामदेव जी सफल हो जायं तो ज्यदातर कांग्रेसी या तो देश छोड़ कर भाग जायेगे या फांसी चडेगे या बाकी उम्र जेल में गुजारेगे
आन्दोलन का दमन करना कांग्रेसियो द्वारा आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था कांग्रेसियो ने ये बात बिलकुल सच बोली थी पूजीवादी अर्थब्यवस्था बिना काले धन के चल ही नहीं सकती और काला धन जिसके पास है वही अपने लिए फांसी का फन्दा कैसे बनाते


३- अन्ना हजारे जी एक इमानदार समाजसेवक है इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन कांग्रेसियो को १२६ साल का अंग्रेजी नीति का अनुभव है उन्होंने कब और कैसे अन्ना जी का हथियार की तरह इस्तेमाल कर लिया इसका पता रामदेव जी को और लोगो को तो क्या अन्ना हजारे जी को ही नहीं चला, अन्ना जी का इस्तेमाल करके बाबा रामदेव के आन्दोलन को कुछ महीने पीछे करने में भले ही कामयाब हो गयी लेकिन एक अन्नाहजारे जैसे गाँधीवादी हठी को छेड़ कर कांग्रेस अपने ही बनाये षड्यंत्र में बुरी तरह से फँस गई है, अन्ना हजारे जी और रामदेव जी आज एक साथ नहीं है इसके पीछे भी कांग्रेसियो की साजिश है जबकि ओ किसी की भी बात मानने की स्थिति में नहीं है


४- अन्ना हजारे जी अगर १५ अगस्त को आन्दोलन करेगे तो कांग्रेश ४ जून से भी आगे बढ़ कर दमन करेगी लाठी आंशु गैश गोली कुछ भी चलाएगी लेकिन आन्दोलन को सफल नहीं होने देगी, कांग्रेश सोचती है दमन करना उसका अधिकार भी है और जीत भी, लेकिन ये घटना गाँधीवादी अन्ना हजारे की चेतना जगाने के लिए काफी होगा तब उन्हें भगतसिंह, शुभाष चन्द्र बोश और चन्द्रसेखर आजाद जैसे क्रान्तिकारियो की बहुत याद आयेगी और अन्ना हजारे जी को अहसास भी होगा जाने अनजाने की हुई गलतियो का और अनचाही कही बातो का


५- जो भी हो बाबारामदेव जी को आगे आना ही होगा फिर क्या, पूरा देश जब एक साथ भ्रस्टाचार के खिलाफ आन्दोलन में उतर जायेगा तब कांग्रेस "एमरजेंशी" लगा देगी ये उसका अंतिम वार होगा भ्रस्ताचारियो को बचाने के लिए, और यही कांग्रेश का अंत होगा


६- रामदेव जी तथा अन्ना हजारे जैसे मार्गदर्शको को, भ्रष्टाचारी नेताओ के बीच अपनी अंतरात्मा का गला घोटकर बैठे नेताओ को तथा देश के हर आम आदमी को एक साथ मिल कर इस लम्बी लड़ाई को लड़ना होगा क्युकी भ्रस्ताचारी काले धनकुबेर किसी भी पार्टी में होगे या जहा कही भी होगे लड़ाई में सामने आयेगे इसलिए ये युद्ध जीतना ही होगा


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