१० जनपथ रोड (सोनिया मैडम के घर) पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई है "कौन बनेगा प्रधानमंत्री" और खेल है सतरंज का, एक तरफ के हाट सिट बैठकर सोनिया मैडम मनमोहन सिंग (राजा) सहित सारे मंत्रिमंडल को गोटियो की जगह सजा रक्खा है, प्रधानमंत्री की ख्वाहिश रखने वाले सभी मंत्रियो को क्रमशः "वजीर" (प्रणव मुखर्जी) "हांथी" (चिदम्बरम और शरद पवार) "घोड़े" कपिल सिब्बल और पवन कुमार बंसल) "ऊंट" (बिलास राव देशमुख और सलमान खुर्शीद) और "प्यादों" के खानों में (राजा, कलमाड़ी, कनिमोझी, दयानिधि, थरूर, सिंदे, इत्यादि) सजा रक्खा है इस सतरंज के खेल की सबसे दिलचस्प बात है कि खेल तो सात साल से सुरु है लेकिन अभी तक सामने वाली हाट सिट के लिए खिलाडी ही तय नहीं हो पाया है उस पर बैठने के लिए अंतरिम प्रतियोगिता जारी है, सोनिया मैडम ने सर्त लगा रक्खी है "पहले जो सबसे अधिक हमारी तरफ के "वजीर" से लेकर "प्यादों" तक को मारेगा (बाहर करेगा) वही हाट सिट पर बैठेगा और पूरा "बिपक्छ" बेचारा कभी आपस में तो कभी मैडम के "प्यादों" पर हमले में लगा है हाँ कुछ "प्यादों" को आउट भी किया है लेकिन इससे क्या होगा और इस खेल में "बिपक्छ" कि सबसे बड़ी मज़बूरी है मैडम कि धमकी "जो हमारे प्यादों पर हमला नहीं करेगा उसे अमरसिंह कि तरह सी बी आई से बोल कर अन्दर करवा दूंगी" कहने के लिए तो सारी लड़ाई "राजा" (मनमोहन सिंह) को बचाने के लिये है लेकिन "बली" के सबसे बड़े और अंतिम बकरे तो वही है ख़ैर कुछ बाते संछेप में बता देता हु, सवाल-सतरंज का ये खेल क्यों ? उत्तर-राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बिपक्छ के हांथो अपने ही मंत्रियो (प्रधानमंत्री के बड़े दावेदारों और सहयोगी पार्टियो के मंत्रियो) को रास्ते से हटवाना या कमजोर करना, अब अगर उपरोक्त सारे खेल के खेल को सीधे शब्दों में कहा जाय तो सभी कांग्रेसी और यु पि ए का हर मंत्री, प्रधानमंत्री सहित सभी प्रत्यक्छ या परोक्छ घोटाले किये है या सामिल है और घोटालो का सबसे बड़ा हिस्सा १० जनपथ सीधे या घुमाकर राबर्ट इत्यादि से होते हुए गया है, कुछ सामने आ चूका है और कुछ निकट भविष्य में आएगा जिनकी पोल खुल चुकी है वो अपने आपको बचाने में लगे है जिनकी खुलनी बाकि है वो अपने आपको छुपाने में लगे है, और ए बात जान कर किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि घोटालो का पर्दाफाश भी सोनिया मैडम कि मेहरबानी से ही हो रहा है क्युकी राहुल गाँधी के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते के काँटों को भी तो साफ करना है, उधर सोनिया मैडम ने "अन्ना हजारे" को राहुल गाँधी के प्रमोसन पर लगा रक्खा है, अन्ना हजारे का पाकिस्तानी सपना और कश्मीर मुद्दे पर प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में दिया प्रसान्त भूसन का बयान भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है "महात्मा गाँधी" ने भारत का खून (दो टुकड़े) करके गद्दी जवाहर लाल नेहरु को दे दी थी अब "गाँधीवादी" अन्नाहजारे भारत का सर काटकर गद्दी राहुल गाँधी को देना चाहते है, सोनिया मैडम अगर भारतियो को इंडियन (मुर्ख) बनाती है तो बात समझ में आती है सैकड़ो साल तक अंग्रेजो ने यही तो किया था, लेकिन अन्ना हजारे और प्रसान्त भूसन जैसे लोग देश को मुर्गा बना लेते है और देश भी कुकड़ू कु करके बाँग देने लगता है, अंतिम बात "पाषाण युग से लेकर परमाणु युग तक दुश्मनों से जीतकर भी इन्सान हमेसा दोस्तों के पक्छाघात से ही हारा है"
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम
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