देशद्रोहियो, भ्रष्टाचारियो, कालेधनकुबेरो, पूंजीपतियो, द्वारा चलाये जा रहा "मीडिया" जिसे दुर्भाग्य से तथाकथित लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ भी कहा जाता है, अपने मालिको की डुगडुगी के अलावा भाड़ो का प्रचारक, देश की संस्कृति का बिध्वन्स्क, और देस के आम आदमी को बरगलाने का काम कर रहा है, देश में कुछ करने वालो की तो वैसे ही कमी है और जो करते है उनकी टांग खीचना ही अपना धंधा बना लिया है, इस देश का आम आदमी देश के तथाकथित लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ "मीडिया" से शिर्फ तिन सवाल पूंछता है, यदि कही उसका जमीर थोडा बहुत जिन्दा है तो जबाब दे, "पहला" युगपुरुष बाबारामदेव जो देशद्रोहियो, भ्रष्टाचारियो, कालेधनकुबेरो, पूंजीपतियो, से युद्ध छेड़ रक्खा है देस के आम आदमी के लिए पूरी सच्चाई और ईमानदारी से स्वदेशी, स्वराज्य, सुब्यव्स्था सुशासन देने के लिए योग और अध्यात्म से कर्तब्य परायणता के साथ प्रण और प्राण को लेकर अग्रसर है, यदि हम अध्यात्म में न जाकर ३०० साल के इतिहास को देखे तो "उपदेशक" बहुत मिल जायेगे लेकिन एसा कर्मयौद्धा कोई नहीं मिलता जो सीधे आम आदमी से जुड़ कर समग्र विकास कि क्रांति लाया हो यदि हाँ तो बताये ? वरना साथ दे या न दे बाबारामदेव के बिरुद्ध दुष्प्रचार करना बंद करे.. "दूसरा" विकिलीक्स द्वारा छोड़े गए सगुफो (बिस्वस्नियता संदेहास्पद है) को खूब उछालता है यहाँ तक की मायावती के सैंडल तक निकाल कर उछाल देता है, लेकिन बिदेसी बैंको में जमा काले धन के नामो की एक लिस्ट भी मीडिया के पास है उनका नाम मीडिया के जुबान पर क्यों नहीं आ रहा है क्या वो नाम उन्ही के मालिको का है ? कम से कम एक सवाल तो मीडिया पूंछ ही सकता है और अगर नहीं तो क्यों ?????? "तीसरा" नरेन्द्र मोदी जिस दिन से गुजरात के मुख्यमंत्री बने है उसी दिन से मीडिया दुष्प्रचार में लगी हुई है, तिसपर गुजरात के दंगो के बाद तो बस उसे जैसे समय ही रुक गया हो "मिडिया बनाम मोदी" का तृतीय बिस्व युद्ध अभी तक ख़त्म नहीं हुआ जबकि नरेंद्र मोदी भारत के पहले मुख्यमंत्री है जिन्होंने अपने काम का लोहा अपने दुश्मनों से भी मनवा लिया और "माई बाप कांग्रेश भी कहने को मजबूर हो गई की "बिकास की बात छोडिये लासो के सौदागर की बात कीजिये" ख़ैर ये निर्विवाद साबित हो चूका है की नरेंद्र मोदी देस के सबसे काबिल मुख्यमंत्री है लेकिन मीडिया चाहती है की "नरेंद्र मोदी माफी मांगे" लगभग हर मीडिया वाले ने ये सवाल मोदी से किया, हजारो बार यही सवाल, देश का आम आदमी मीडिया से जानना चाहता है कि किस बात के लिए नरेंद्र मोदी माफी मागे ? गोधरा में नर पिचासो ने पूरी योजना बनाकर निहत्थे यात्रिओ को ट्रेन की एक बोगी में बंद करके जला दिया इस अमानवीय "क्रिया" को मोदी प्रसासन रोकने में नाकाम रहा तो अब उसका कोई ओचित्य नहीं है क्युकी गुजरात का विकास करके मोदी ने गोधरा के उन सहिदो से, और गुजरात की जनता से माफी माग ली और जनता ने उन्हें माफ करके दोबारा मुख्यमंत्री बनाया, रही बात बाद में हुई "प्रतिक्रिया" की तो दुनिया के किसी धर्म, या इतिहास में कभी किसी के माफी मागने का उदाहरन नहीं मिलता क्युकी "क्रिया" की "प्रतिक्रिया" तो प्राकृतिक नियम है जिसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता बल्कि "प्रतिक्रिया" ही "क्रियाओं" कि पुनाराब्रित्ति के न होने को सुनिश्चित करता है ??????? ॐ बंदेमातरम जयहिंद
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम
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