मनमोहन मिश्र

मनमोहन मिश्र
"राजनैतिक विश्लेषक"

रविवार, 25 सितंबर 2011

"लोकतंत्र" दुनिया के किसी भी "तानाशाही" ब्यवस्था से ज्यादा भयानक, खतरनाक, और बिध्व्न्सक होता है, भाग २

"१०० प्रतिसत मतदान" ही एक मात्र रास्ता बचा है, देश को बचाने, ब्यवस्था परिवर्तन करने, पूंजीवादी अर्थब्यवस्था के इस विकृत लोकतंत्र को ख़त्म कर सच्चे लोकतंत्र की स्थापना करने, पूर्ण स्वराज्य, समग्र विकास ऐवं आध्यात्मिक समाजवाद को कायम करने और देश की दुर्दशा, के लिए जिम्मेदार लोगो को सजा देने के लिए, लेकिन जन जागरण और अनुनय बिनय से देश "१०० प्रतिसत मतदान" का महत्त्व समझने से रहा, क्युकी सदीओ से ९० प्रतिसत से अधिक आवादी तो "गाँधी के तिन बंदरो" की रही है वर्ना क्या मजाल थी की मुट्ठी भर मुग़ल, या फिर गिनती के गोरे सदीओ सासन कर लेते, ख़ैर "१०० प्रतिसत मतदान" सुनिश्चित करने के लिए "अनिवार्य मतदान" का कानून होना जरुरी है, देश के आम आदमी और देशभक्त नायको को पूरा जोर लगाके "अनिवार्य मतदान" का कानून बनवाने का प्रयास करना चाहिए क्युकी यदि "अनिवार्य मतदान" का कानून बन गया तो एक भी पूंजीपती, दलाल, काला धन कुबेर, देशद्रोही, भ्रष्टाचारी और देश का गद्दार संसद तक नहीं पहुँच पायेगा फिर तो बाबारामदेव जी जैसे देश भक्त देश हित में जो भी कानून बनवाना चाहेगे बनवा सकते है, उन्हें चार जून की रात नहीं देखनी पड़ेगी, अन्ना हजारे जी के लोकपाल बिल की आवश्यकता ही नहीं होगी जब संसद में इमानदार, सच्चे, कर्तब्य परायण, निष्ठावान, सद्चरित्र लोग होगे तो वो सारे सपने पुरे होगे जो देश का हर आम आदमी देखेगा, मसखरो, अपराधियो, भांडों, दलालों, देशद्रोहियो और पूंजीपतियो को संसद में पहुँचने से रोकना होगा, एसा तभी होगा जब "अनिवार्य मतदान" का कानून होगा, देश का हर आम और खास इस सच्चाई से वाकिफ है की आज मतदान कौन, ? क्यूँ, ? और कैसे ? करता है, लेकिन ये भी उतना ही सच है की यदि "मतदान अनिवार्य" कर दिया जाय तो अपने आप ही तथा कथित एवं छतिग्रस्त "लोकतंत्र" ख़त्म हो जायेगा और उसके बदले स्वस्थ, सुदृढ़, सुब्य्वस्थित, और सच्चे लोकतंत्र की स्थापना होगी.....जारी...ॐ बंदेमातरम जयहिंद                                          
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम

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