मनमोहन मिश्र

मनमोहन मिश्र
"राजनैतिक विश्लेषक"

सोमवार, 26 सितंबर 2011

छतिग्रस्त "लोकतंत्र" दुनिया के किसी भी "तानाशाही" ब्यवस्था से ज्यादा भयानक, खतरनाक, और बिध्व्न्सक होता है, भाग ३


"अनिवार्य मतदान" का कानून ही क्यों ? भ्रष्टाचार पर बोलने, सोचने और समझने के लिए कुछ बचा ही नहीं है इस देश की सरकार पूरी कि पूरी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है प्रधान मंत्री से लेकर सन्तरी तक, और सरकार से बाहर रहने वाले भी दूध के धुले नहीं है क्युकि पूंजीवादी अर्थब्यवस्था के इस विकृत लोकतंत्र का स्वरूप ही एसा होता है, भ्रष्ट सरकार और पूंजीवादी अर्थब्यवस्था से देस अगर किसी जनहित कानून बनाने कि उम्मीद करता है तो सदी का सबसे रुचिकर चुटकुले से बढ़ कर कुछ नहीं हो सकता, कहने का मतलब पूरी ब्यवस्था को बदलने कि जरुरत है और एसा तभी हो सकता है जब पूरी संसद बदली जाय और संसद बदलने के लिए हमें अपने आप को बदलना होगा और हम यानि इस देस का आम आदमी तो बदलना जानता ही नहीं वर्ना "खून से इतिहास लिखने वाली कांग्रेस सत्ता में नहीं होती" फिर बदलाव के लिए "अनिवार्य मतदान" के कानून के आलावा कोई रास्ता नहीं बचता, "अनिवार्य मतदान" न सिर्फ संसद को साफ करेगा बल्कि मतदान में हो रहे सारे अपराध, अपराध के बल पर मतदान, मतदान के लिए समाज को बाटने अपराध, अपराध और मतदान का घालमेल स्वयम ख़त्म हो जायेगा, आज औसतन ५० प्रतिसत मतदान होता है, १५ प्रतिसत मतदान हासिल करने वाली पार्टी सरकार चलाती है उसमे भी मात्र १ प्रतिसत मतदान मत का अर्थ समझने वालो का होता है बाकि १४ प्रतिसत मतदाता तो मतदान का गूढ़ार्थ तो छोडिये मतदान का शाब्दिक अर्थ भी नहीं जानता और ये मै नहीं इस "विकृत लोकतंत्र" के चौपाये ही समय समय पर आकडे पेस करते रहते है, और मात्र यही वो १ प्रतिसत आदमी इस देश की दसा और दिसा तय करते है, ख़ैर जो ५० प्रतिसत मतदाता मतदान से दूर रहते है वो मध्यवर्गीय, सिक्छित, ही नहीं मतदान का गूढ़ार्थ तो छोडिये मतदान का शाब्दिक अर्थ भी जानते है लेकिन मतदान से दूर रहते है, कारण बहुत से है, कारण को छोडिये, उन्हें तो जगाने की भी जरुरत नहीं है वो जागे हुए है लेकिन दुर्भाग्य से "गाँधी" के तिन बन्दर है, और उनको "अनिवार्य मतदान" का कानून ही मतदान केंद्र तक ला सकता है, एक बार ये ५० प्रतिसत लोग मतदान के लिए आगे आ गए तो मुह, कान और आंख से हाँथ तो वो खुद ही हटा लेगे......जारी..ॐ बन्दे मातरम जयहिंद                                    
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम

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