मनमोहन मिश्र

मनमोहन मिश्र
"राजनैतिक विश्लेषक"

बुधवार, 14 सितंबर 2011

"गाँधीवादी" श्री अन्नाहजारे जी सच

"गाँधीवादी" श्री अन्नाहजारे जी को कल एक टी. वी. चैनल से कहते देखा "मनमोहन सिंह बड़े अच्छे है" "सोनिया गाँधी बड़ी अच्छी है" "कांग्रेस में सभी बड़े अच्छे है" कुछ लोगो से उन्हें सिकायत है जैसे दिग्बिजय सिंह "वो भी बड़े अच्छे थे साथ में वर्षो काम भी किये अब न जाने क्या हो गया है" हाँ ये अलग बात है की "चेहरे की मुस्कराहट और आँखों का संतोष बिना शब्दों के दिग्बिजय, कपिल, तिवारी, जैसे लोगो को अपनी टी. आर. पि. बढ़ाने के लिये सहृदय धन्यवाद और "कांग्रेस कि विजय" के लिए आशीर्वाद दे रहा था" ख़ैर आगे अपने ब्याख्यान में बुरे लोगो के बारे में भी प्रकाश डालते हुए कहा "अडवाणी को रथयात्रा कि क्या जरुरत है लोकपाल बिल बनवा देते" चुटकी लेते हुए इस बात को तो बस जुमले कि तरह इस्तेमाल किया सिर्फ अगले बुरे आदमी "बाबा रामदेव" पर प्रहार करने के लिए "मैने तो बाबारामदेव से उसी दिन फोन करके रिश्ता तोड़ लिया था जिसदिन अपनी सेना बनाने कि बात बोली थी" ख़ैर "गाँधीवादी" श्री अन्नाहजारे जी आपने बहुत अच्छा किया रालेगावं से जिस बिचारधारा (आदमी) कि ऊँगली पकड़ कर दिल्ली तक आये थे उसे दिल्ली से उठवा कर हरिद्वार फेकवा दिया बहुत अच्छा किया, अगर आप एसा न करते तो इतिहास अधुरा रह जाता, कहते है दोस्त का दुसमन कभी दोस्त नहीं होता और बाबा रामदेव ने तो आपके कुनबे से ही दुश्मनी कर ली, कोई बात नहीं "गाँधीवादी" श्री अन्नाहजारे जी अब तो ये देश ही तय करेगा कि उसे २०१४ में वर्णशंकर के "युवराज" की ताजपोशी एक "गाँधीवादी" के हाथो देखना मंजूर है या एक कर्मबीर, समग्र बिकास, सम्पूर्ण स्वतंत्रता, के पथ पर अग्रसर बाबा रामदेव जी जैसे के साथ अपने उचित हक़ के लिए लड़ना
ॐ जय भारत जय हिंद बन्दे मातरम

2 टिप्‍पणियां:

Jeet Bhargava ने कहा…

बंधू,
आपका ब्लॉग यूना सभी लोगो की आंखे खोल देता है, जो सेकुलरवाद और गाँधीवाद की अफीम खाकर सोये हुये हैं। देश के खातिर इसे जारी रखिए और निरन्तरता बनाए रखिए। आपकी धारदार लेखनी की हिन्दी, हिन्दू और हिंदुस्तान को सख्त जरूरत है।
माँ सरस्वती का आशीष आप पर बना रहे इसी कामना के साथ।

बेनामी ने कहा…

ये सच को जाहिर और झूठ को बेनकाब करनेवाला ब्लॉग है। आप संक्षिप्त लेकिन सारवान लिखते हैं। आपको नमन।