मनमोहन मिश्र

मनमोहन मिश्र
"राजनैतिक विश्लेषक"

रविवार, 31 जुलाई 2011

"आजादी हमेसा क्रांति से ही मिली है"

"आजादी हमेसा क्रांति से ही मिली है" हर क्रांति का कोई न कोई सूत्रधार होता है और वो आम आदमी नहीं होता सदीओ में एक अवातर के रूप में पैदा होता है हमें आज बाबा रामदेव के रूप में युग पुरुष और क्रांति का सूत्रधार मिला है जो अपनी जान हथेली पर लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अमूल चुल परिवर्तन का बिगुल बजा रहा है अगर हम आज भी सोये रहे तो सायद हमें इस्वर भी इन देश के गद्दारों से नहीं बचा पायेगा ये पूंजीवादी अर्थब्यवस्था के दलाल देश के गद्दार अगले सदीओ तक हमें नोच कर खाते रहेगे

आज माँ भारती पुकार रही है देश के हर उस सच्चे देश भक्तो को, भगतसिंह को, शुभाष चन्द्र बोश को, और चन्द्रसेखर आजाद को, १२१ करोर लोगो को अब तो जागो देश वासिओ कही देर न हो जाय....

शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

स्वाभाविक परिवर्तन को रोकना किसी के बस में नहीं है

स्वाभाविक परिवर्तन को रोकना किसी के बस में नहीं है तथाकथित लोकतंत्र अब सक्रमण काल से गुजर रहा है, पूजीवादी अर्थ ब्यवस्था लोकतंत्र के चारो खम्भों ( बिधाइका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, और सुचना तंत्र ) को दीमक की तरह चाट कर खोखला कर दिया है, चाहे जितना जोर लगाले देश के कांग्रेसी दलाल क्रांति की आंधी को रोक नहीं पाएंगे बाबा रामदेव, अन्नाहजारे या उनके सहयोगियो पर उलटे सीधे आरोप लगा कर ये दलाल भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ रहे तूफान को रोक नहीं पांएगे अपितु वे खुद अपनी असलियत देश की जनता को बता रहे है आज देश का हर सच्चा नागरिक बाबा रामदेव और अन्नाहजारे बन चूका है सच्चे लोग कभी चुप नहीं रहेगे यदि अगली बार देश के दलालों ने चार जून की रावन लीला दुहराने की कोशिश की तो देश का सच्चा सिपाही लंका दहन से लेकर रावन बध से भी पीछे नहीं हटेगा, देश में आज भी माये बाबा रामदेव और अन्ना हजारे जैसे गाँधीवादी के आलावा भगतसिंह, शुभाष चन्द्र बोश और चन्द्रसेखर आजाद भी पैदा करती है

भारत का पूरा लोकतंत्र ( बिधाइका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, और सुचना तंत्र ) आज कुछ हजार लोगों द्वारा काले धन के बल पर बंधक बना लिया गया है १२१ करोर देश वासिओ को तय करना है की वे आजादी चाहते है या गुलामी.....

शुक्रवार, 8 जुलाई 2011

bhrastachar

आज देश के हर आम आदमी को आगे आकर अपनी भूमिका तय करना होगा क्योकि पूंजीवादी अर्थब्यवस्था और लोकतंत्र के बीच युद्ध सुरु हो चूका है सदीओ में कोई ऐसा पैदा होता है जो गुलामी के किलाफ आवाज उठता है बाबा रामदेवजी ऐसे ही एक आम आदमी है जिन्होंने इतने बड़े पूंजीवादी साम्राज्य से लोहा लिया है आज देश के हर आदमी को बाबा रामदेव कोन है? जानने के बजाय, क्या कर रहे है और क्यों कर रहे है जान कर, कंधे से कन्धा मिलाकर इस लड़ाई में सामिल होना चाहिए वर्ना इस देश के पूंजीवादी चोर, भ्रस्त्ताचारी, दलाल रामदेव जी को ख़त्म करदेगे हमे फिर सदीओ किसी और रामदेवजी का इंतजार करना होगा और इसी भ्रष्ट ब्यवस्था में सिसक कर मरना होगा



१२६ साल पहले एक अंग्रेज द्वारा अस्थापित कांग्रेस का गठन ही आम आदमी और अंग्रेजो के बिच दलाली के लिए किया गया था और अगर ध्यान से देखा जाय तो कांग्रेसियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, क्रान्तिकारियो के जीवन की सोदेबाजी से लेकर देश के अंतिम आम आदमी के म्रत्यु तक में दलाली ली है
अब ओ समय आ गया है जब कांग्रेस का पुर्णतः अंत हो जायेगा, २०१४ कांग्रेस के डूबते साम्राज्य में एक अंग्रेजन द्वारा अंतिम कील ठोकी जाएगी


लोकतंत्र अब सक्रमण काल से गुजर रहा है, पूजीवादी अर्थ ब्यवस्था लोकतंत्र के चारो खम्भों ( बिधाइका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, और सुचना तंत्र ) को दीमक की तरह चाट कर खोखला कर दिया है, आज देश के हर नागरिक का कर्तब्य है की आगे आकर लोकतंत्र के चारो खम्भों ( बिधाइका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, और सुचना तंत्र ) का पुनरनिर्माण करे
आम आदमी की जितनी दुरदशा इश तथाकथित लोकतंत्र ने की है उतनी दुरदशा दुनिया के किसी कोने में किशी भी ब्यवस्था ने नहीं की है भारतीय इतिहाश या दुनिया के इतिहाश में कही कोई उदहारण नहीं मिलेगा
भारत का पूरा लोकतंत्र ( बिधाइका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, और सुचना तंत्र ) आज कुछ हजार लोगों द्वारा काले धन के बल पर बंधक बना लिया गया है


१- अन्ना हजारे जी और उनके साथियो द्वारा आन्दोलन, अनसन, सफलता और असफलता सब कुछ भ्रस्टाचार के खिलाफ आम आदमी में उबलते गुस्से को ख़त्म करने की कांग्रेसियो ने साजिश रची थी रामदेव जी द्वारा चलाये जा रहे देश ब्यापी आन्दोलन की धार को कुंद करना चाहते थे


२- रामदेव जी का आन्दोलन भ्रस्टाचार के पुरे पेड़ को जड़ सहित उखड देने की है, आन्दोलन का दमन करना कांग्रेसियो द्वारा आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था कांग्रेसियो ने ये बात बिलकुल सच बोली थी पूजीवादी अर्थब्यवस्था बिना काले धन के चल ही नहीं सकती और काला धन जिसके पास है वही अपने लिए फांसी का फन्दा कैसे बनाते


३- अन्ना हजारे जी और रामदेव जी आज एक साथ नहीं है इसके पीछे भी कांग्रेसियो की साजिश है रामदेव जी से कहते है अन्ना जी के पास नहीं जाओगे तो तुम्हारी बात मानेगे और अन्ना जी से कहते है रामदेव जी के पास नहीं जाओगे तो तुम्हारी बात मानेगे जबकि ओ किसी की भी बात मानने की स्थिति में नहीं है


४- अन्ना हजारे जी अगर १५ अगस्त को आन्दोलन करेगे तो कांग्रेश ४ जून से भी आगे बढ़ कर दमन करेगी लाठी आंशु गैश गोली कुछ भी चलाएगी लेकिन आन्दोलन को सफल नहीं होने देगी


५- पूरा देश जब एक साथ भ्रस्टाचार के खिलाफ आन्दोलन में उतर जायेगा तब कांग्रेश "एमरजेंशी" लगा देगी ये उसका अंतिम वार होगा भ्रस्ताचारियो को बचाने के लिए, और यही कांग्रेश का अंत होगा


६- रामदेव जी तथा अन्ना हजारे जैसे मार्गदर्शको को और देश के हर आम आदमी को छोटे मोटे मतभेद भुलाकर एक साथ मिल कर इस लम्बी लड़ाई को लड़ना होगा क्युकी भ्रस्ताचारी काले धनकुबेर किसी भी पार्टी में होगे या जहा कही भी होगे लड़ाई में सामने आयेगे