जिस देश कि आधी से अधिक जनता बीस रुपये से कम में गुजारा करति है उस देश का नेता ६०० रुपये माहवार से अधिक माँग कर या लेकर ईस देश का, देश कि जनता का, संसद का, प्रत्यछ्य
अपमान कर रहा है । ये अलग बात है कि इनके पास कितना धन है, कहां से और कैसे आता है, जनता सब जानति है......
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